मृत्यु के बाद मुंडन क्यों करते हैं ? Mundan Hindu Tradition | अर्था । आध्यात्मिक विचार

हिन्दू मान्यताओं और पूजा पद्धतियों में मृत्यु और पूर्वजों की पूजा के बारे में बहुत सारी गतिविधियों शामिल हैं । जिनमें से एक अंतिम संस्कार के लिए सिर मुंडन करना है, इस विडियो में देखिये इस अंतिम संस्कार के दौरान किये जाने वाली रस्म का क्या महत्त्व है

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१ मुंडन या सिर के सारे बाल निकलवाना सनातन धर्म में मनाया जाने वाला सबसे प्रमुख अनुष्ठानों में से एक है

२ यह समारोह आमतौर पर तब किया जाता है, जब परिवार के किसी सदस्य का निधन हो जाता है

३ मुंडन पुरुषों द्वारा किया जाता है जो एक अस्थायी कार्य है और यह शोक की एक विशिष्ट अवधि के लिए रहता है

४ सिर के सारे बाल निकाल देना शुद्धता की निशानी है विशेष रूप से उनके लिए जिन्होंने आखरी रस्म जो कि अंतिम संस्कार विधि या अंत्येष्टि संपन्न किया हो

५ यह अन्य संबंधित सदस्यों को दुखद खबर को बिना कहे बताने एक तरीका भी माना जाता है।

६ अपने सर का मुंडन करवा कर एक व्यक्ति यह घोषणा करता है कि वह दिवंगत व्यक्ति के बचे हुए कर्तव्यों को पूरा करने लिए तैयार है

७ मनोविज्ञान इसे यूँ अध्ययन करता है कि यह एक रास्ता है जब व्यक्ति खुद को तैयार करके पूरी प्रतिबद्धता के साथ अंतिम रस्मों में शामिल होता है

८ कुछ विद्वानों द्वारा मान्यता दी गई है कि ऐसा करके मरे हुए व्यक्ति द्वारा किये हुए कामों की सराहना की जा रही है.

९ मुंडन इसलिए भी किया जाता है कि दिवंगत आत्मा को संतुष्टि मिले कि उसकी मौत के बाद उसका पूरा सम्मान किया गया.

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