सूर्य नमस्कार के आरोग्यदायी लाभ

फिटनेस के दीवाने हर दिन इतने व्यस्त रहते हैं कि उन्हें व्यायाम करने का पूरा समय नहीं मिल पाता. सूर्य नमस्कार ने साबित किया है कि वो उनके लिए राहत है जो फिट रहने के लिए एक फिटनेस मंत्र की खोज में हैं. सूर्य नमस्कार मन शांत करता है और एकाग्रता को बढ़ाता है| आजकल बच्चे महती प्रतिस्पर्धा का सामना करते है| इसलिए उन्हे नित्यप्रति सूर्य नमस्कार करना चाहिए क्योंकि इससे उनकी सहनशक्ति बढ़ती है और परीक्षा के दिनों की चिंता और असहजता कम होती है|

सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से शरीर में शक्ति और ओज की वृद्धि होती है| यह मांसपेशियों का सबसे अच्छा व्यायाम है और हमारे भविष्य के खिलाड़ियों के मेरुदण्ड और अंगो के लचीलेपन को बढ़ता है| ५ वर्ष तक के बच्चे नियमित सूर्य नमस्कार करना प्रारंभ कर सकते हैं | सूर्य नमस्कार सूर्य के प्रति आभार प्रकट या अभिवादन करने का एक तरीका है | यह १२ महत्वपूर्ण योग आसनों का क्रम है जो शरीर, सांस और दिमाग को एक साथ लाता है | ये आसन मस्तिष्क को आराम पहुंचाते हैं और साथ ही रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन में सुधार लाते हैं | आगे की तरफ मुड़ने वाला आसन विशेष रूप से पेट की जगह बढ़ाने में सहायता करता है जिसके के द्वारा आपके कुल्हे अधिक अनुकूल और क्रियाशील बनते हैं | यह खिंचाव शारीरिक दशा में सुधार लाता है जिसके द्वारा मांसपेशियां, जोड़ और अस्थि पंचर मज़बूत बनते हैं | वज़न कम करने वालों के लिए यह ह्रदय की रक्तवाहिनियों के लिए एक बहुत ही बढ़िया ह्रदवाहिनी कसरत भी हैं | हर एक बार सांस लेने और छोड़ने पर, फेफड़े और रक्त में सही तरह से ऑक्सीजन का संचार होता है और शरीर में से विष दूर होता है | विशेषज्ञों के अनुसार, यह व्यायाम रक्त में शक्कर का स्तर कम करने में लाभकारी होता है और ह्रदय की बीमारियों को दूर रखता है | यह शरीर के रक्त संचारण को बढ़ा देता है और साथ ही आपको स्वस्थ त्वचा देने में सहायक बनता है | सूर्य नमस्कार का व्यायाम, व्यक्ति के इन्द्रियों को शांत कर चिंताओं से छुटकारा दिला कर उसकी स्मरणशक्ति और नर्वस सिस्टम को लाभ पहुंचाता है | भारतीय संस्कृति के बारे में ऐसे दिलचस्प वीडियो देखने के लिए अर्था चॅनल से जुड़े रहें|

ऐसा कहा जाता है सूर्य नमस्कार वो कर सकता है, जो महीनो के संतुलित आहार से भी नही हो सकता है| स्वास्थ्य के प्रति सचेत महिलाओं के लिए यह एक वरदान है| इससे आप न केवल अतिरिक्त कैलोरी कम करते है बल्कि पेट की मांसपेशियो के सहज खिचाव से बिना खर्चे सही आकार पा सकते हैं| सूर्य नमस्कार के कई आसन कुछ ग्रंथियो को उत्तेजित कर देते हैं, जैसे की थाईरॉड ग्रंथि (जो हमारे वजन पर ख़ासा असर डालती है) के हॉर्मोने के स्राव को बढ़ाकर पेट की अतिरिक्त वसा को कम करने में मदद करते हैं| सूर्य नमस्कार का नियमित अभ्यास महिलाओं के मासिक धर्म की अनियमितता को दूर करता है और प्रसव को भी आसान करता है| साथ ही ये चेहरे पर निखार वापस लाने में मदद करता है, झुर्रियों को आने से रोकता है और हमे चिरयुवा और कांतिमान बनाता है| सूर्य नमस्कार व ध्यान के नियमित अभ्यास से मणिपुर चक्र बादाम के आकार से बढ़कर हथेली के आकार का हो जाता है| मणिपुर चक्र का यह विकास जो की हमारा दूसरा मस्तिष्क भी कहलाता है, हमारी अंतरदृष्टी विकसित कर हमे अधिक स्पष्ट और केंद्रित बनाता है| मणिपुर चक्र का सिकुड़ना अवसाद और दूसरी नकारात्मक प्रवृत्तियों की ओर ले जाता है|
सूर्य नमस्कार के ढेरों लाभ हमारे शरीर को स्वस्थ और मन को शांत रखते है, इसीलिए सभी योग विशेषज्ञ सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास पर विशेष बल देते हैं|

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